पूजा और अनुष्ठान सेवाएँ
पूजा और अनुष्ठान सेवाएँ
पूजा और अनुष्ठान हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये पवित्र अनुष्ठान ग्रह दोषों को शांत करने, जीवन में सकारात्मकता लाने और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने के लिए किए जाते हैं। महाविद्या ज्योतिष के अंतर्गत तोडल तंत्र और मुण्डमाला तंत्र पर आधारित ग्रह-शांति के साथ दश महाविद्या और इष्ट देवी अनुष्ठान भी आचार्य जी करवाते हैं। सत्यनारायण कथा, गृह प्रवेश पूजन और अन्य अनुष्ठान के लिए संपर्क करें। Pandit Radheshyam Mishra शास्त्रोक्त विधि से सभी प्रकार के पूजा और अनुष्ठान करते हैं। वैदिक ज्योतिष और पूजा के बारे में अधिक यहाँ पढ़ें।
हमारी सेवाएं आपके स्थान पर (आचार्य घर आकर) या हमारे मंदिर/आश्रम में उपलब्ध हैं।
दोष निवारण के शास्त्रोक्त विधान से राहत। पूजा/जप क्रम, सामग्री व्यवस्था, होम/टेंपल विकल्प। कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान।
ग्रह अनुकूलता व मानसिक स्थिरता के लिए। नवग्रह जप/हवन, दशा/गोचर अनुसार। सभी नौ ग्रहों की शांति के लिए संपूर्ण अनुष्ठान।
विवाह/क्रोध/विवाद में संतुलन के लिए। अवधि/विधान स्पष्ट, राहु-केतु संग। मंगलिक दोष निवारण के लिए विशेष पूजा।
भ्रम, रुकावटें, नज़र/निगेटिविटी में राहत। विशेष जप/दान, दिशा/दिन अनुशंसा। राहु-केतु दोष निवारण के लिए अनुष्ठान।
कुंडली के अनुसार इष्ट महाविद्या निर्धारण और साधना। तोडल तंत्र, मुण्डमाला तंत्र पर आधारित। ग्रह दोष निवारण के लिए विशिष्ट महाविद्या पूजन।
त्रिपुर सुंदरी सेवा पद्धति, ललिता सहस्रनाम पाठ, सौंदर्य लहरी। कलयुग का कल्पवृक्ष—भोग और मोक्ष का संगम।
आयु, स्वास्थ्य, साहस में वृद्धि हेतु। जप-संख्या/अवधि, अनुष्ठान स्थान। महामृत्युंजय मंत्र का जप और हवन।
शिव-अनुग्रह, शुद्धि व स्थिरता के लिए। अभिषेक सामग्री, पंचामृत/बिल्वपत्र। भगवान शिव की विशेष पूजा और अभिषेक।
अन्य पूजा और अनुष्ठान
गृह-शांति, समृद्धि व कुटुम्ब मंगल। कथा/भोजन प्रसाद, तिथि/मुहूर्त। पूर्णिमा और संक्रांति पर विशेष कथा।
आत्मबल, सुरक्षा व विघ्न-निवारण। समूह/एकल पाठ, अवधि/क्रम। हनुमान जी की विशेष कृपा के लिए पाठ।
नए घर में शुभारंभ व दिशात्मक संतुलन। कुल-देवता स्मरण, वास्तु शांति। नए घर में प्रवेश के लिए शुभ पूजा।
नक्षत्र/राशि अनुसार नाम व जप। पहला अक्षर सूची, हवन/आशीर्वाद। नवजात शिशु के लिए शुभ नामकरण।
शास्त्रोक्त विधि से सप्तपदी/फेरों का संपादन। कंडक्ट/मंत्रोच्चारण। पूर्ण विवाह संस्कार और मुहूर्त।
समृद्धि, शुभ लाभ व वर्ष-आरंभ शुद्धि। आरती/जप, महालक्ष्मी हवन। दीपावली और विशेष त्योहारों पर पूजा।
शांति और समृद्धि के लिए पारंपरिक वैदिक अनुष्ठान बुक करें