गृह प्रवेश पूजा
नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर, वास्तु पुरुष और देवताओं का वास स्थापित करें।
गृहे प्रवेशाय नमः। गृहे प्रवेशाय नमो नमः। गृहे प्रवेशाय शांति भव।
शुभ मुहूर्त जानें / पूजा बुक करेंहर गृह प्रवेश एक जैसा नहीं होता। अपूर्व (नया घर), सपूर्व (पुराना/रिसेल), द्वंद्व (मरम्मत के बाद)—विधि और मुहूर्त अलग-अलग होते हैं।
द्वार पूजा से घर का 'मुख' शुद्ध होता है; गौ पूजा समृद्धि का प्रतीक है; दूध उबालना प्रचुरता का संकेत—धन-धान्य छलकते रहें। वास्तु शांति हवन निर्माण के दौरान हुई अशुद्धि या वास्तु दोष को ठीक करता है। जन्म कुंडली के आधार पर शुभ मुहूर्त निकलवाया जा सकता है।
कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त और पूजा की व्यवस्था के लिए आचार्य जी से संपर्क करें। घर या फ्लैट दोनों में पूजा करवाई जाती है।
कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त निकलवाएं। आचार्य पूरी सामग्री के साथ घर आएंगे।
पंडित जी से बात करें कॉल करें
28+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष और वास्तु अनुभव। गृह प्रवेश, वास्तु शांति और सभी संस्कार शास्त्रोक्त विधि से करवाते हैं। कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त।
पंडित जी के बारे में अधिक जानेंहाँ। आचार्य जी फ्लैट के नियमों (स्मोक अलार्म आदि) का ध्यान रखते हुए धूम्र-रहित या प्रतीकात्मक हवन की व्यवस्था करते हैं।
पूर्ण वैदिक विधि में लगभग 2–3 घंटे लगते हैं। आपकी सुविधा के अनुसार समय तय किया जा सकता है।
शुभ मुहूर्त जानें और पूजा बुक करें।