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दान से बड़ा कोई पुण्य नहीं

"देने वाला हाथ लेने वाले हाथ से हमेशा ऊपर होता है।"
आपका छोटा सा दान किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

किस कार्य के लिए दान करें?

शास्त्रों में बताए गए श्रेष्ठ दान जो आपके जीवन में पुण्य और समृद्धि लाते हैं

अन्न दान

भूखे को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य है। "अन्नदाता सुखी भव" - जो अन्न देता है वह सदा सुखी रहता है।

गौ सेवा

गौ माता की सेवा में दान देने से समस्त पापों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

धर्म कार्य / पूजा

मंदिर निर्माण, पूजा-पाठ, हवन-यज्ञ में दान देने से देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

विद्या दान

गरीब बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने से अक्षय पुण्य मिलता है। विद्या दान सर्वोत्तम है।

औषधि / स्वास्थ्य दान

रोगियों की सेवा और औषधि दान जीवनदान के समान है। इससे आरोग्य की प्राप्ति होती है।

जल दान

प्यासे को जल पिलाना अमृत दान के समान है। प्याऊ लगवाना महापुण्य का कार्य है।

ब्राह्मण भोजन

ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितृ तृप्त होते हैं और वंश में वृद्धि होती है।

कन्या दान सहयोग

गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग देना परम पुण्य का कार्य है।

दान करने से आपको क्या मिलेगा?

1

पुण्य का संचय

दान से पुण्य का संचय होता है जो इस जन्म और अगले जन्म दोनों में फल देता है। शास्त्रों में कहा गया है कि दान का फल अक्षय होता है।

2

ग्रह दोष निवारण

ज्योतिष के अनुसार सही पात्र को दान देने से ग्रहों की अशुभता कम होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।

3

पितृ तर्पण

आपके दान का फल आपके पितरों को भी मिलता है, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है।

4

मन की शांति

दान देने से मन को असीम शांति और संतोष मिलता है। यह आंतरिक सुख का स्रोत है।

5

पूजा में संकल्प

दान करने वालों के नाम से विशेष पूजा में संकल्प लिया जाता है। आपके परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की जाती है।

आज ही दान करें, पुण्य कमाएं

"जो देता है वो पाता है, जो बांटता है वो बढ़ता है"

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महान दानवीरों की प्रेरक गाथा

राजा हरिश्चंद्र

सत्य और दान के लिए अपना राज्य, परिवार सब त्याग दिया। उनकी दानशीलता आज भी अमर है।

दानवीर कर्ण

सूर्य पुत्र कर्ण ने याचक को कभी खाली नहीं लौटाया। कवच-कुंडल तक दान कर दिए।

राजा शिबि

एक कबूतर की रक्षा के लिए अपना शरीर का मांस काटकर दे दिया। परम दानवीर!

महर्षि दधीचि

देवताओं की रक्षा के लिए अपनी अस्थियाँ दान कर दीं, जिनसे वज्र बना।

भामाशाह

महाराणा प्रताप को अपनी संपूर्ण संपत्ति दान कर दी। मातृभूमि के लिए त्याग!

राजा बलि

भगवान वामन को तीन पग भूमि में सब कुछ दान कर दिया। दानवीरता की मिसाल!

दान के बाद सूचित करें — आपके नाम से संकल्प लिया जाएगा

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