रुद्राभिषेक पूजा
श्रावण मास, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि पर विशेष फलदायी।
ॐ नमः शिवाय। नमस्ते अस्तु भगवन् विश्वेश्वराय महादेवाय त्र्यम्बकाय त्रिपुरान्तकाय।
रुद्राभिषेक बुक करेंरुद्राभिषेक में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। यजुर्वेद के रुद्री पाठ के साथ यह पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
रुद्राभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह पूजा विशेष रूप से ग्रह दोष, पितृ दोष और संकट निवारण के लिए की जाती है। महामृत्युंजय जप और पूजा सेवाएँ भी देखें।
जन्म विवरण और समस्या बताएं। शुभ मुहूर्त में रुद्राभिषेक करवाएं।
पूरा महीना शुभ
त्रयोदशी तिथि
फाल्गुन मास
हर सोमवार शुभ
28+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष और पूजा-अनुष्ठान अनुभव। शास्त्रोक्त विधि से रुद्राभिषेक।
पंडित जी के बारे में अधिक जानेंजन्म विवरण भेजें और रुद्राभिषेक बुक करें।