विवाह संस्कार
सिर्फ इवेंट नहीं—यह संस्कारों का उत्सव है। सप्तपदी, कन्यादान, पाणिग्रहण।
विवाह मुहूर्त व संस्कार बुक करेंसप्तपदी के सात फेरे सात प्रतिज्ञाएँ हैं—भोजन-पोषण, शक्ति-स्वास्थ्य, धन-समृद्धि, सुख-दुख में साथ, उत्तम संतान, हर ऋतु में साथ, और मित्रता (सखा भाव)।
कन्यादान कोई 'दान' नहीं—एक पिता द्वारा अपनी सबसे कीमती धरोहर (लक्ष्मी) को विष्णु स्वरूप वर को सौंपना। पाणिग्रहण (हाथ थामना) जीवन भर रक्षा का वचन है। विवाह में शुक्र (प्रेम-रोमांस) और बृहस्पति (पति-ज्ञान) की विशेष शांति और पूजन शामिल है ताकि दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बनी रहे।
विवाह मुहूर्त और संस्कार की व्यवस्था के लिए आचार्य जी से संपर्क करें। सप्तपदी, कन्यादान, पाणिग्रहण—शास्त्रोक्त विधि से संपन्न करवाया जाता है।
शुभ मुहूर्त निकलवाएं। सप्तपदी, कन्यादान, पाणिग्रहण—शास्त्रोक्त विधि से।
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28+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष और संस्कार अनुभव। विवाह संस्कार, सप्तपदी, कन्यादान और विवाह मुहूर्त में विशेषज्ञ। शुक्र-बृहस्पति शांति सम्मिलित।
पंडित जी के बारे में अधिक जानेंदोनों की जन्म कुंडली के आधार पर शुभ तिथि और मुहूर्त निकाला जाता है। आचार्य जी कुंडली मिलान के साथ विवाह मुहूर्त बताते हैं।
पूर्ण विवाह संस्कार (कन्यादान, पाणिग्रहण, सप्तपदी, हवन आदि) या आपकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग संस्कार करवाए जा सकते हैं। आचार्य जी से बात करें।
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