कालसर्प दोष शांति पूजा
राहु-केतु के बीच सभी ग्रह होने पर कालसर्प दोष बनता है। विशेष पूजा से शांति मिलती है।
ॐ नमः शिवाय। सर्पराजाय विद्महे, शिवलिंगाय धीमहि, तन्नो नागः प्रचोदयात्।
कालसर्प दोष पूजा बुक करेंजब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाएं तो कालसर्प दोष बनता है। इससे जीवन में विलंब, अड़चनें और मानसिक तनाव होता है।
कालसर्प दोष 12 प्रकार का होता है - अनंत, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखनाद, घातक, विषधर और शेषनाग। राहु-केतु शांति और पूजा सेवाएँ भी देखें। त्र्यंबकेश्वर में विशेष रूप से यह पूजा की जाती है।
जन्म विवरण भेजें और कालसर्प दोष की पुष्टि करवाएं। विधिवत पूजा करवाएं।
जन्म विवरण भेजें। शुभ मुहूर्त में पूजा होगी।
WhatsApp पर संपर्क करें कॉल करें28+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष और पूजा-अनुष्ठान अनुभव। शास्त्रोक्त विधि से कालसर्प दोष शांति पूजा।
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