औद्योगिक वास्तु
मशीनरी स्थान, ऑफिस, वेयरहाउस की सही दिशा। प्लान/फोटो आधारित परामर्श। रिमोट + ऑन-साइट।
आचार्य जी से वास्तु परामर्श लेंऔद्योगिक स्थल में वास्तु का संतुलन उत्पादन वृद्धि, कर्मचारी संतुष्टि और व्यापारिक सफलता लाता है। मशीनरी की स्थिति और मुख्य द्वार की दिशा विशेष महत्व रखती है।
औद्योगिक वास्तु में फैक्ट्री या व्यापारिक इकाई का मुख्य द्वार, प्रोडक्शन एरिया/मशीनरी स्थान, ऑफिस/एडमिन ब्लॉक, वेयरहाउस/गोदाम और लोडिंग एरिया की दिशा और स्थिति का विश्लेषण किया जाता है। प्लान या फोटो भेजकर रिमोट परामर्श ले सकते हैं। बिना तोड़-फोड़ के वास्तु सुधार के उपाय बताए जाते हैं।
फैक्ट्री/व्यापारिक इकाई का प्लान या फोटो भेजकर परामर्श लें। दाएँ ओर दिए बटन से WhatsApp पर प्लान भेज सकते हैं या कॉल कर अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।
प्लान या फोटो भेजकर फैक्ट्री/व्यापारिक इकाई का वास्तु विश्लेषण और सुधार सुझाव प्राप्त करें।
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28+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र अनुभव। AIFAS एवं AICAS गोल्ड मेडलिस्ट। औद्योगिक और व्यावसायिक वास्तु परामर्श में विशेषज्ञ। अयोध्या से देश-विदेश में ऑनलाइन और ऑन-साइट परामर्श।
पंडित जी के बारे में अधिक जानेंवास्तु के अनुसार भारी मशीनरी दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है। प्लान के आधार पर प्रोडक्शन एरिया की सही लेआउट और दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
पूर्व, उत्तर या ईशान दिशा में मुख्य द्वार शुभ माना जाता है। Raw material और फिनिश्ड गुड्स के प्रवाह के लिए दिशा महत्वपूर्ण है। मौजूदा प्लान के अनुसार उपाय बताए जाते हैं।
गोदाम पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना वास्तु अनुकूल माना जाता है। स्टॉक की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के लिए दिशा-निर्देश प्लान के अनुसार दिए जाते हैं।
हाँ। पहले से चल रही फैक्ट्री में भी वास्तु विश्लेषण करके जहाँ संभव हो वहाँ सुधार और उपाय बताए जाते हैं। मशीनरी की स्थिति बदलना, रंग और छोटे वास्तु उपाय से फर्क पड़ सकता है।
प्लान या फोटो भेजकर दिशा-निर्देश और सुधार सुझाव प्राप्त करें।