रत्न परामर्श
ग्रहानुसार रत्न—माणिक्य, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम आदि। सही विधि से धारण करने पर लाभ।
आचार्य जी से रत्न परामर्श लेंरत्न ग्रहों की ऊर्जा से जुड़े होते हैं। कुंडली में कमजोर या अशुभ ग्रह के लिए उस ग्रह का रत्न धारण करने से लाभ मिल सकता है। गलत रत्न या गलत विधि से धारण करने पर नुकसान भी हो सकता है।
माणिक्य (सूर्य), मोती (चंद्र), मूंगा (मंगल), पन्ना (बुध), पुखराज (गुरु), हीरा (शुक्र), नीलम (शनि), गोमेद (राहु), लहसुनिया (केतु) आदि ग्रहानुसार रत्न हैं। परामर्श में जन्म कुंडली देखकर बताया जाता है कि कौन सा रत्न पहनना चाहिए; ज्योतिष उत्पाद और ज्योतिष सेवाएँ देखें। परामर्श के लिए संपर्क करें। वैदिक ज्योतिष और रत्न के बारे में अधिक यहाँ पढ़ें।
जन्म तारीख, समय और स्थान भेजें। नीचे फॉर्म से मुफ्त बेसिक कुंडली पाएं या WhatsApp पर जन्म विवरण भेजकर रत्न परामर्श लें।
अपनी राशि और बेसिक कुंडली जानें
28+ वर्षों का वैदिक ज्योतिष अनुभव। AIFAS एवं AICAS गोल्ड मेडलिस्ट। रत्न परामर्श, कुंडली विश्लेषण और धारण विधि में विशेषज्ञ। अयोध्या से देश-विदेश में ऑनलाइन परामर्श।
पंडित जी के बारे में अधिक जानेंगलत रत्न या गलत विधि से धारण करने पर उस ग्रह का प्रभाव बढ़ सकता है और नुकसान हो सकता है। इसलिए ज्योतिषीय परामर्श से ही रत्न चुनना चाहिए। आचार्य जी कुंडली देखकर सही रत्न और धारण विधि बताते हैं।
ग्रह और कुंडली के अनुसार सोना या चांदी में रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। कौन सा ग्रह किस अंगुली में और किस धातु में—यह परामर्श में बताया जाता है।
रत्न धारण से पहले शुद्धि और प्राण प्रतिष्ठा विधि की जाती है ताकि रत्न सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम करे। परामर्श में यह विधि भी बताई जाती है।
जन्म तारीख, समय और स्थान भेजकर WhatsApp पर परामर्श ले सकते हैं। कुंडली विश्लेषण के बाद रत्न सुझाव और धारण विधि दी जाती है।
जन्म विवरण भेजकर कुंडली अनुसार रत्न सुझाव और धारण विधि प्राप्त करें।